बैकुण्ठपुर। ग्राम पंचायत सरडी (जुनापारा) में प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज को लेकर चल रहे विरोध और समर्थन के बीच अब गांव के वरिष्ठ नागरिकों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने खुलकर अपना पक्ष रखा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर कोरिया को आवेदन सौंपकर स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित स्थल पर नर्सिंग कॉलेज निर्माण के लिए उन्हें किसी प्रकार की आपत्ति नहीं है और वे इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान के निर्माण का पूर्ण समर्थन करते हैं। ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत सरडी (जुनापारा) में नर्सिंग कॉलेज का निर्माण क्षेत्र के विकास और युवाओं के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा। आवेदन में कहा गया है कि जिस स्थान पर कॉलेज निर्माण प्रस्तावित है, वहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध है और कॉलेज बनने से गांव सहित पूरे क्षेत्र को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।

हाल के दिनों में कुछ युवाओं एवं खिलाड़ियों द्वारा खेल मैदान को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया था। हालांकि अब गांव के वरिष्ठजनों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने लिखित रूप से अपनी सहमति देते हुए प्रशासन को अवगत कराया है कि नर्सिंग कॉलेज निर्माण का वे स्वागत करते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि उच्च शिक्षा संस्थान स्थापित होने से स्थानीय युवाओं, विशेषकर छात्राओं को नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूर-दराज के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। कलेक्टर कार्यालय में सौंपे गए आवेदन में ग्रामीणों ने कहा है कि नर्सिंग कॉलेज बनने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे तथा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार होगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि कॉलेज निर्माण की प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाया जाए ताकि लंबे समय से प्रतीक्षित यह परियोजना जल्द धरातल पर उतर सके। गांव के वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि विकास कार्यों को लेकर सभी पक्षों की राय महत्वपूर्ण है, लेकिन शिक्षा जैसी बुनियादी आवश्यकता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका मानना है कि नर्सिंग कॉलेज क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगा और आने वाली पीढ़ियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इधर, ग्रामीणों द्वारा दिए गए समर्थन पत्र के बाद नर्सिंग कॉलेज के मुद्दे पर नई चर्चा शुरू हो गई है। अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम और कॉलेज निर्माण की प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।