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विश्व पर्यावरण दिवस पर तलवापारा में विशेष ग्राम सभा आज, गेज नदी संरक्षण और हरित ग्राम निर्माण पर होना चाहिए मंथन


बैकुण्ठपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज ग्राम पंचायत तलवापारा में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाना है। ग्राम सभा में पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन, वृक्षारोपण, स्वच्छता एवं गेज नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जानी चाहिए। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं एवं महिलाओं की सहभागिता से पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस संकल्प लिए जाने की अपेक्षा है। तलवापारा क्षेत्र की जीवनदायिनी मानी जाने वाली गेज नदी आज कई चुनौतियों का सामना कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर लगातार घटता जा रहा है, वहीं नदी किनारे कचरा फेंके जाने से प्रदूषण की समस्या भी बढ़ रही है। यदि समय रहते इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में जल संकट और गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित ग्राम सभा में गेज नदी के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

ग्राम सभा में यह प्रस्ताव रखा जाना चाहिए कि नदी किनारे किसी भी प्रकार का कचरा फेंकने पर रोक लगाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए। साथ ही नदी तट की नियमित सफाई, पौधारोपण एवं संरक्षण के लिए सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का मानना है कि गेज नदी को स्वच्छ और अविरल बनाए रखने के लिए पंचायत, प्रशासन और आम जनता को मिलकर कार्य करना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ग्राम पंचायत स्तर पर वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया जाना चाहिए। स्कूल परिसर, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, सार्वजनिक स्थल, श्मशान घाट एवं गेज नदी के किनारे छायादार और फलदार पौधों का रोपण किया जाना चाहिए। प्रत्येक परिवार को कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। ग्राम सभा में प्लास्टिक मुक्त ग्राम अभियान पर भी चर्चा की जानी चाहिए। सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, कपड़े एवं जूट के थैलों को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जाना चाहिए। इसके साथ ही घर-घर कचरा पृथक्करण, जैविक खाद निर्माण एवं स्वच्छता संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी विचार किया जाना चाहिए। जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन, तालाबों और कुओं की सफाई तथा प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर भी ग्राम सभा में विशेष चर्चा होनी चाहिए। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि जल संरक्षण और वृक्षारोपण एक-दूसरे के पूरक हैं तथा दोनों पर समान रूप से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।

विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक दिवस मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि प्रकृति और आने वाली पीढ़ियों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का भी अवसर है। आज आयोजित होने वाली ग्राम सभा से यह संदेश जाना चाहिए कि पर्यावरण संरक्षण केवल शासन या प्रशासन का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। यदि ग्राम पंचायत तलवापारा में सामूहिक प्रयासों के साथ गेज नदी संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता और जल संरक्षण के लिए निरंतर कार्य किया जाए, तो आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण का एक आदर्श उदाहरण बन सकता है। ग्राम सभा में इसी दिशा में सार्थक चर्चा और प्रभावी संकल्प लिए जाने की उम्मीद ग्रामीणों द्वारा की जा रही है।

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