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जुनापारा में प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज को लेकर बढ़ा समर्थन, क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम मान रहे ग्रामीण


बैकुण्ठपुर। सरडी जुनापारा में प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। जहां एक ओर कुछ खिलाड़ियों और युवाओं द्वारा मैदान को लेकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, अभिभावक और ग्रामीण इस परियोजना को क्षेत्र के शैक्षणिक एवं सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे।

वर्तमान में चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने के लिए युवाओं को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि क्षेत्र में ही नर्सिंग कॉलेज स्थापित हो जाता है तो स्थानीय युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगार के बेहतर अवसर भी प्राप्त होंगे। कई वरिष्ठ नागरिकों और समाज के प्रबुद्ध लोगों का मानना है कि विरोध प्रदर्शन में शामिल अधिकांश बच्चे और किशोर अभी कम उम्र के हैं तथा विकास परियोजनाओं के दीर्घकालिक प्रभावों को पूरी तरह समझने की स्थिति में नहीं हैं। उनका कहना है कि खेल गतिविधियां महत्वपूर्ण हैं, लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी संस्थाओं का निर्माण भी समाज के भविष्य के लिए उतना ही आवश्यक है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नर्सिंग कॉलेज बनने से क्षेत्र में शैक्षणिक वातावरण विकसित होगा। यहां अध्ययन करने आने वाले छात्र-छात्राओं को देखकर आसपास के बच्चों में भी पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी। इससे शिक्षा का स्तर सुधरेगा और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने भविष्य के लिए नई प्रेरणा मिलेगी। ग्रामीणों का कहना है कि जिस प्रकार बड़े शहरों में शैक्षणिक संस्थानों के आसपास शिक्षा का माहौल विकसित होता है, उसी प्रकार जुनापारा क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।
इस बीच स्थानीय विधायक भैया लाल राजवाड़े भी नर्सिंग कॉलेज निर्माण को लेकर सक्रिय नजर आए। जानकारी के अनुसार विधायक सोमवार को कलेक्टर से मिलने पहुंचे और प्रस्तावित कॉलेज से संबंधित विषयों पर चर्चा की। समर्थकों का कहना है कि विधायक क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं तथा नर्सिंग कॉलेज उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि खेल मैदान की आवश्यकता है तो प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार कर सकता है, जिससे खेल गतिविधियां भी प्रभावित न हों और क्षेत्र को नर्सिंग कॉलेज जैसी महत्वपूर्ण सौगात भी मिल सके। उनका मानना है कि विकास और खेल दोनों को साथ लेकर चलना ही बेहतर समाधान होगा। क्षेत्र के अनेक लोगों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से ऐसा समाधान निकलेगा जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल—तीनों क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके। नर्सिंग कॉलेज की स्थापना को लेकर समर्थन करने वाले लोगों का मानना है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में क्षेत्र की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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