Ticker

6/recent/ticker-posts

बच्चे पहुंचे कलेक्टर बंगला, सपनों को मिली नई उड़ान; 'द कलेक्टर्स-15' की प्रेरक शुरुआत


बैकुण्ठपुर। जिला प्रशासन कोरिया की अभिनव पहल "Beyond the Classroom with the Collector – The Collectors-15" के तहत शनिवार को कलेक्टर निवास में प्रथम संवाद सत्र "ड्रीमर्स-15" का आयोजन किया गया। इस अनूठे कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों से चयनित 15 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को कलेक्टर बंगले में आमंत्रित किया गया, जहां उन्होंने अपने सपनों, लक्ष्यों और जीवन के अनुभवों को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ साझा किया।


यह पहली बार रहा जब कलेक्टर निवास विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा और संवाद का केंद्र बना। औपचारिक बैठकों की जगह यहां बच्चों की जिज्ञासा, आत्मविश्वास और भविष्य के सपनों पर खुलकर चर्चा हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और जीवन मूल्यों को नई दिशा देना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नवपदस्थ जिला पंचायत सीईओ योगेन्द्र श्रीवास शामिल हुए। उन्होंने अपने संघर्ष, शिक्षा और प्रशासनिक सेवा तक पहुंचने की प्रेरक यात्रा साझा करते हुए विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और कठिन परिश्रम करने का संदेश दिया। वहीं प्रेरक शिक्षिका जिज्ञासा दुबे ने अनुशासन, निरंतर सीखने और आत्मविश्वास के महत्व पर विद्यार्थियों से संवाद किया। कार्यक्रम की शुरुआत औपचारिक भाषणों के बजाय रोचक आइस ब्रेकिंग गतिविधियों से हुई। 'मेरा भारत' की जिला युवा अधिकारी चहल कुरेशिया ने विद्यार्थियों के साथ विभिन्न गतिविधियां कराईं, जिनमें कलेक्टर रोक्तिमा यादव और जिला पंचायत सीईओ ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इससे बच्चों और अधिकारियों के बीच आत्मीय माहौल बना और विद्यार्थी बिना किसी संकोच के अपनी बातें रखने लगे।

'ड्रीमर्स-15' के दौरान विद्यार्थियों ने अपने-अपने सपनों को साझा किया। किसी ने अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी बनने की इच्छा जताई तो किसी ने चित्रकार, चार्टर्ड अकाउंटेंट, न्यूरोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट और उद्यमी बनने का लक्ष्य बताया। एक विद्यार्थी ने आधुनिक खेती के माध्यम से अपने पिता के कार्य को आगे बढ़ाने और माता-पिता की सेवा को अपना सबसे बड़ा सपना बताया। कार्यक्रम की विशेषता यह भी रही कि विद्यार्थियों को अपने परिवार के संघर्ष और त्याग को समझने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों ने बताया कि माता-पिता के साथ संवाद के बाद उन्हें पहली बार उनके संघर्षों और उम्मीदों का वास्तविक एहसास हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक कलाकार सफियानो पावले ने विद्यार्थियों को पारंपरिक गोदना आर्ट का प्रशिक्षण दिया। वहीं संवाद के बाद कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने सभी विद्यार्थियों के साथ आत्मीय वातावरण में भोजन किया, जिसमें छत्तीसगढ़ी व्यंजन फरहा सहित उत्तर और दक्षिण भारतीय व्यंजन भी परोसे गए। इसके बाद विद्यार्थियों को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल झुमका जलाशय का भ्रमण भी कराया गया। कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने कहा कि हर बच्चे के भीतर एक सपना होता है और प्रशासन का प्रयास उन सपनों को सुनने के साथ उन्हें पूरा करने का विश्वास देना है। उन्होंने कहा कि 'द कलेक्टर्स-15' केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों, संवाद, संस्कृति और व्यक्तित्व विकास की सतत यात्रा है। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र गुप्ता, डीएमसी संजय सिंह, नीति आयोग फेलो इरशाद खान सहित अन्य अधिकारियों की भी सक्रिय सहभागिता रही। यह पहल जिले में शिक्षा को कक्षा की सीमाओं से बाहर जीवन के वास्तविक अनुभवों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ