बैकुण्ठपुर। कोरिया जिले की ग्राम पंचायत कटकोना की सरपंच शिप्रा पति लक्ष्मण को पद से पृथक करने का आदेश अनुविभागीय दण्डाधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बैकुण्ठपुर ने जारी किया है। 28 जुलाई 2026 को जारी आदेश क्रमांक 5114/वाचक-2/2026 में छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 2004 की धारा 40(1) के तहत यह कार्रवाई की गई है। जारी आदेश के अनुसार, कलेक्टर कार्यालय में दर्ज जनदर्शन प्रकरण क्रमांक 2010226000260 दिनांक 10 फरवरी 2026 की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि शिप्रा द्वारा प्रस्तुत जाति प्रमाण पत्र अस्थायी प्रकृति का था, जिसकी वैधता केवल छह माह तक थी और वर्ष 2010 में समाप्त हो चुकी थी। आदेश में उल्लेख किया गया है कि इसी अस्थायी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर आदिवासी भूमि के क्रय-विक्रय सहित अन्य कार्य किए गए, जिन्हें कदाचार की श्रेणी में माना गया है। आदेश में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम के अंतर्गत निर्वाचित जनप्रतिनिधि का विधिसम्मत पात्र होना आवश्यक है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह माना गया कि समाप्त वैधता वाले अस्थायी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरपंच पद पर निर्वाचित होना तथा वर्तमान में भी पद पर बने रहना अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है। इसे लोकहित के प्रतिकूल मानते हुए सक्षम प्राधिकारी ने धारा 40(1) के तहत सरपंच पद से पृथक करने का आदेश पारित किया। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित कृत्य को अधिनियम के अंतर्गत कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही एवं कदाचार की श्रेणी में माना गया है। इसी आधार पर शिप्रा को सरपंच पद से हटाने की कार्रवाई की गई है। एसडीएम ने अपने आदेश में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर को निर्देशित किया है कि वे नियमानुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर कोरिया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरिया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर तथा संबंधित पक्ष को भी प्रेषित की गई है। इस आदेश के बाद ग्राम पंचायत कटकोना में नई प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब जनपद पंचायत स्तर पर पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आगामी वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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