बैकुण्ठपुर। कोरिया जिले में ग्राम पंचायत सचिवों के स्थानांतरण आदेशों के पालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 3 नवंबर 2025 को जिला पंचायत द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश के तहत 28 ग्राम पंचायत सचिवों का तबादला किया गया था। जहां कुछ सचिवों ने आदेश का पालन करते हुए नई पंचायतों में कार्यभार ग्रहण कर लिया, वहीं कई सचिव महीनों तक अपने पुराने पदस्थापना स्थल पर ही जमे रहे। जानकारी के अनुसार, स्थानांतरण आदेश का पालन नहीं करने वाले सचिवों के संबंध में कई बार जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत स्तर से कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि अधिकारियों द्वारा केवल पत्राचार तक ही कार्रवाई सीमित रखी गई, जिससे आदेशों की गंभीरता कम होती दिखाई दी। मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में भी की गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पहली शिकायत का जिला स्तर पर निराकरण कर मामला बंद करा दिया गया। इसके बाद दोबारा शिकायत किए जाने पर लगभग सात माह बाद दो सचिवों ने क्रमशः 28 जून 2026 एवं 30 जून 2026 को अपने पुराने पंचायतों का पूर्ण प्रभार सौंपा। अब विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से यह चर्चा सामने आ रही है कि बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के कुछ स्थानांतरित सचिवों को पुनः 3 नवंबर 2025 के पुराने आदेश के आधार पर उनकी पूर्व ग्राम पंचायतों में भेजने की तैयारी चल रही है। इनमें ग्राम पंचायत तलवापारा, ओडगी, भंडारपारा, कटकोना एवं बरदिया के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं। यदि ऐसा होता है तो प्रशासनिक प्रक्रिया और स्थानांतरण नीति की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठ सकते हैं।

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