कोरिया। राष्ट्रपति पदक से सम्मानित एवं ट्रैफिक मैन के नाम से प्रसिद्ध हवलदार डॉ. महेश मिश्रा को संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, अंबिकापुर ने डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की है। उन्होंने "यातायात नियमों के परिपालन संबंधी जागरूकता का अध्ययन : छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले के विशेष संदर्भ में" विषय पर शोध कार्य पूरा किया। यह शोध सड़क सुरक्षा, यातायात अनुशासन और जन-जागरूकता पर आधारित है, जिसमें कोरिया जिले के नागरिकों के बीच यातायात नियमों के पालन, दुर्घटनाओं के कारणों तथा सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के उपायों का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से अध्ययन किया गया है। डॉ. मिश्रा ने वर्ष 2019 में प्री-पीएचडी प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की, 2021-22 में कोर्स वर्क पूर्ण किया तथा 2023 में शोध शीर्षक का पंजीयन कराया। जून 2026 में उनका अंतिम वाइवा सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शोध कार्य का निर्देशन समाजशास्त्री डॉ. रवीन्द्र नाथ शर्मा ने किया, जबकि बाह्य परीक्षक प्रो. महेश शुक्ला रहे।
डॉ. महेश मिश्रा अकादमिक क्षेत्र में भी उत्कृष्ट उपलब्धियाँ हासिल कर चुके हैं। वे संस्कृत, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर स्तर पर विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक से सम्मानित हो चुके हैं। गौरतलब है कि डॉ. मिश्रा पिछले दो दशकों से यातायात जागरूकता अभियान चला रहे हैं। अपने स्वयं के व्यय पर वे 500 से अधिक जागरूकता शिविरों के माध्यम से 5 लाख से अधिक लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दे चुके हैं। उनके इस अभियान का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। पीएचडी उपाधि मिलने पर उन्होंने अपने शोध निर्देशक, विश्वविद्यालय, प्रशासन, पुलिस विभाग, सहकर्मियों, परिवार तथा शोध कार्य में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उनकी इस उपलब्धि पर सहकर्मियों, मित्रों और शुभचिंतकों ने बधाई देते हुए इसे सड़क सुरक्षा और समाजशास्त्र के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान बताया।

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