बैकुण्ठपुर। नगर पालिका परिषद बैकुण्ठपुर के वार्ड क्रमांक 09 में चल रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार की मनमानी चरम पर है और कई शिकायतों के बावजूद कार्य में सुधार नहीं किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से लेकर अंबिकापुर स्थित कार्यालय तक की जा चुकी है, लेकिन इसके बाद भी निर्माण कार्य में कथित अनियमितताएं लगातार जारी हैं। वार्डवासियों के अनुसार नाली के ऊपर स्लैब ढलाई का कार्य रात के समय मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में कराया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर संदेह उत्पन्न हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार रात में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के बिना ढलाई किया जाना तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार द्वारा आवागमन का रास्ता भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को प्रतिदिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए रास्ता जोखिमभरा बन गया है।
स्थानीय नागरिकों का यह भी कहना है कि नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी निर्माण स्थल पर नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते, जबकि गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी अधिकारियों की निगरानी आवश्यक होती है। लोगों का कहना है कि जब एक ही निर्माण कार्य को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, तब उसी ठेकेदार को अन्य वार्डों में दिए गए तीन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता स्वाभाविक है। निर्माण स्थल पर कार्यरत श्रमिकों के श्रम पंजीयन नहीं होने का मुद्दा भी पहले समाचारों में प्रकाशित हो चुका है। इसके बावजूद अब तक संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले तीन दिनों से नाली की नियमित तराई (क्योरिंग) भी नहीं की जा रही, जबकि निर्माण मानकों के अनुसार प्रतिदिन तराई किया जाना आवश्यक होता है, ताकि कंक्रीट को पर्याप्त मजबूती मिल सके।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण की नींव और गुणवत्ता से समझौता किया जाएगा तो भविष्य में संरचना की मजबूती पर भी सवाल उठेंगे। लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने, गुणवत्ता परीक्षण कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

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