तालाब मद की जमीन के बाद अब वर्षों पुराने बरगद पर चली आरी, कार्रवाई पर उठे सवाल
बैकुण्ठपुर। जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर शहर के बीचों-बीच चौपाटी के समीप स्थित तालाब मद की भूमि को लेकर पहले ही जमीन की खरीद-बिक्री का मामला चर्चा में रहा है। अब इसी क्षेत्र में वर्षों पुराने विशालकाय बरगद के पेड़ की कटाई किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। चौपाटी के पास स्थित यह बरगद का पेड़ वर्षों पुराना और विशालकाय बताया जा रहा है। वर्तमान में इसे काटे जाने का कार्य किए जाने की बात सामने आई है। खास बात यह है कि पेड़ सड़क के बीचो-बीच स्थित है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इतने पुराने और विशाल पेड़ को काटने की अनुमति किस विभाग या अधिकारी द्वारा दी गई? क्या पेड़ काटने से पहले संबंधित विभाग से विधिवत अनुमति ली गई है? यदि अनुमति नहीं ली गई है तो मौके पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?
शहर में लगातार पेड़ों की कटाई को लेकर नागरिकों में चिंता है। मुख्य मार्गों के किनारे लगे कई कीमती और पुराने पेड़ों की कटाई पहले भी सामने आती रही है। यहां तक कि रेस्ट हाउस परिसर के आसपास के पेड़ों को भी नहीं छोड़े जाने की चर्चाएं रही हैं। ऐसे में अब चौपाटी के पास वर्षों पुराने बरगद की कटाई ने शहर में पेड़ों के संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दूसरी ओर जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों और पटना तहसील क्षेत्र में कथित अवैध प्लॉटिंग को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। आरोप है कि कई मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों की कार्रवाई केवल जांच, प्रतिवेदन और आश्वासन तक सीमित रह जाती है। ऐसे में अब लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या पेड़ काटने के मामले में भी कार्रवाई केवल कागजी जांच तक सीमित रह जाएगी? यदि बिना अनुमति पेड़ की कटाई की जा रही है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होना आवश्यक है। प्रशासन को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि पेड़ काटने की अनुमति किसने दी, किस उद्देश्य से दी गई और मौके पर संबंधित विभाग द्वारा निरीक्षण किया गया था या नहीं। अब देखना होगा कि समाचार सामने आने के बाद जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी उन अनेक मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा, जिनमें जांच के नाम पर प्रतिवेदन तैयार हुए और कार्रवाई के आश्वासन दिए गए। शहरवासियों की नजर अब प्रशासन की कार्रवाई पर है।




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