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निजी वाहनों में बढ़ा सायरन और काली फिल्म का चलन, नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल

 


कोरिया। शहर में इन दिनों निजी वाहनों में सायरन और काले शीशे का इस्तेमाल बढ़ता नजर आ रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाले कुछ निजी वाहन चालकों द्वारा सायरन का खुलेआम उपयोग किए जाने की चर्चा है। वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के वाहनों में भी सायरन लगे दिखाई देते हैं, लेकिन उनका उपयोग अपेक्षाकृत कम ही देखने को मिलता है। निजी वाहनों में सायरन का बढ़ता चलन यातायात नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई निजी वाहन चालक सड़क पर सायरन बजाते हुए चलते हैं, जिससे अन्य वाहन चालकों पर दबाव बनता है। सवाल यह है कि यदि किसी निजी वाहन को सायरन लगाने और उसका उपयोग करने की अनुमति नहीं है तो ऐसे वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर जांच अभियान चलाकर ऐसे वाहनों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

काले शीशे वाले वाहनों पर भी सवाल

निजी वाहनों की कांच पर नियम विरुद्ध काली फिल्म लगाने का मामला भी शहर में लगातार सामने आता रहता है। यातायात विभाग द्वारा कभी-कभार अभियान चलाकर काली फिल्म हटाने की कार्रवाई की जाती है, लेकिन कुछ समय बाद अभियान की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। लोगों का आरोप है कि शहर में कई प्रभावशाली लोगों से जुड़े वाहन नियमों की अनदेखी करते हुए काले शीशे का इस्तेमाल कर रहे हैं। शहर में सीजी 16 1111 नंबर की एक स्कॉर्पियो को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा है। बताया जा रहा है कि उक्त वाहन में सायरन लगा हुआ है और वाहन के शीशों पर काली फिल्म भी लगी है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग द्वारा की जानी बाकी है। यदि वाहन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

सघन जांच की मांग

लोगों का कहना है कि यातायात नियम सभी के लिए समान होने चाहिए। किसी व्यक्ति की पहचान, राजनीतिक पहुंच या अधिकारियों से संपर्क के आधार पर नियमों में छूट नहीं मिलनी चाहिए। पुलिस विभाग और परिवहन विभाग को शहर में एक बार सघन वाहन जांच अभियान चलाकर निजी वाहनों में लगे अनधिकृत सायरन, काली फिल्म और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन की जांच करनी चाहिए। कार्रवाई होने से न केवल नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर अंकुश लगेगा, बल्कि अन्य लोग भी नियमों का उल्लंघन करने से बचेंगे। अब देखना होगा कि बैकुण्ठपुर में निजी वाहनों में सायरन और काली फिल्म के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर संबंधित विभाग कब गंभीरता से जांच अभियान शुरू करता है।

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