कोरिया। चरचा मुख्य मार्ग की पुलिया क्षतिग्रस्त होने के बाद कोयला परिवहन का संकट खत्म होने के बजाय अब नई परेशानी सामने आने लगी है। मुख्य मार्ग बाधित होने के बाद भारी वाहनों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे वैकल्पिक रास्ते आवासीय क्षेत्र के लोगों के लिए चिंता का कारण बन गए हैं। देर रात कोयले से लदे भारी हाईवा वाहनों के आबादी के बीच से गुजरने से सड़क, विभागीय आवास और विद्युत व्यवस्था पर असर पड़ने की स्थिति बनी है। बताया जा रहा है कि देर रात करीब 50 टन तक कोयला लदे हाईवा वाहन चरचा के अंदरूनी मार्ग से होते हुए वार्ड क्रमांक 8 स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी क्षेत्र में पहुंचे। वाहन शिव मंदिर के पीछे से आगे बढ़ते हुए कोरिया नीर प्लांट के समीप से होकर नगर पालिका के फिल्टर प्लांट की दिशा में निकले। इस दौरान भारी वाहनों की आवाजाही से कई स्थानों पर नुकसान की स्थिति सामने आने की बात कही जा रही है।
बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त, बिजली पोल भी टेढ़ा
भारी वाहनों के गुजरने के दौरान कालरी के विभागीय आवास बी-टाइप क्रमांक 15 की बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। वहीं आगे हाई-वोल्टेज विद्युत लाइन के समीप बिजली का पोल भी टेढ़ा हो गया। हालांकि विद्युत तार टूटने से बच गया, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार यदि तार टूट जाता तो आवासीय क्षेत्र में गंभीर स्थिति बन सकती थी। बी-टाइप कॉलोनी की कुछ सड़कों पर भी भारी वाहनों के दबाव का असर पड़ने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह वैकल्पिक मार्ग इतने भारी वाहनों के नियमित आवागमन के लिए उपयुक्त है।
रूट और अनुमति को लेकर उठे सवाल
मुख्य सवाल अब यह है कि पुलिया क्षतिग्रस्त होने के बाद कोयला परिवहन के लिए वैकल्पिक रूट किस स्तर पर तय किया गया है और उसकी निगरानी कौन कर रहा है। यदि भारी वाहनों को इस मार्ग से जाने की अनुमति दी गई है तो क्या मार्ग की क्षमता और सुरक्षा का परीक्षण किया गया है? क्या नगर पालिका, पुलिस, प्रशासन, विद्युत विभाग और संबंधित प्रबंधन को इसकी जानकारी है?
चरचा थाना के समीप परिवहन बैरियर होने के बावजूद यदि भारी वाहन आबादी के अंदरूनी मार्ग से निकल रहे हैं तो बैरियर और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिया के पुनर्निर्माण तक यदि वैकल्पिक मार्ग से कोयला परिवहन किया जाना है तो स्पष्ट रूट निर्धारित किया जाए। आवासीय क्षेत्र में रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के साथ विद्युत पोल, आवासीय भवन और धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित प्रबंधन से स्थिति की जांच कर सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना की स्थिति बनने से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें।


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