Ticker

6/recent/ticker-posts

कलेक्टर रोक्तिमा यादव की पहल से गांव से शहर तक स्वच्छता अभियान तेज, जिले में लागू हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026

ग्राम सभा में नहीं पहुंचते पांच कोटवार को जाना पड़ता है रजिस्टर लेकर घर आज भी 17 वार्ड पंचों में एक भी नहीं था उपस्थित


बैकुण्ठपुर। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कोरिया रोक्तिमा यादव के निर्देशन में जिलेभर में स्वच्छता को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। गांव से लेकर शहर तक स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले की ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर ग्रामीणों को नए नियमों की जानकारी दी जा रही है तथा स्वच्छता को जन आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है।


कलेक्टर रोक्तिमा यादव द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जिले की सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों में विशेष ग्राम सभा आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के पालन को लेकर दिए गए निर्देशों के अनुरूप जिले में विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। इसके तहत ग्रामीणों को कचरा पृथक्करण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।

इसी कड़ी में ग्राम पंचायत तलवापारा में ग्रामीणों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 की जानकारी देते हुए स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत सचिव राम भजन तिग्गा ने बताया कि कलेक्टर कोरिया के निर्देशानुसार पंचायत स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा तलवापारा में महिलाओं के स्वयं सहायता समूह की दीदियां घर-घर जाकर कचरा संग्रहण का कार्य करेंगी तथा ग्रामीणों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित करेंगी। साथ ही लोगों को कचरा पृथक्करण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व की जानकारी भी दी जाएगी। सचिव राम भजन तिग्गा ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत खुले में कचरा फेंकना, कचरा जलाना तथा कचरे का पृथक्करण नहीं करना दंडनीय माना गया है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग अपने घरों के बाहर गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग रखें ताकि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जा सके और गांव का वातावरण स्वच्छ बना रहे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नगर पालिका क्षेत्र से कुछ लोगों द्वारा ग्राम पंचायत तलवापारा क्षेत्र में कचरा फेंके जाने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि संबंधित निकाय द्वारा नियमों का पालन नहीं किया गया तो नियमानुसार जुर्माना भी लगाया जाएगा। जारी निर्देशों के अनुसार ग्राम सभा में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सरपंच, पंच एवं सचिव की होगी। स्थानीय निकायों को घर-घर कचरा संग्रहण, अलग-अलग कचरे का सुरक्षित परिवहन, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी की स्थापना और वैज्ञानिक लैंडफिल व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कंपोस्टिंग, वर्मी कंपोस्टिंग और वेस्ट-टू-एनर्जी जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है। कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने कहा है कि स्वच्छता केवल शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। प्रशासन का प्रयास है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति लोगों की भागीदारी बढ़े तथा प्रत्येक नागरिक अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी निभाए। जिले में चलाए जा रहे इस अभियान से लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और स्वच्छता को लेकर सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिल रहा है। जिला प्रशासन का मानना है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी पालन से जिले में स्वच्छता व्यवस्था और मजबूत होगी तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ