शासन से आए अधिकारियों ने दिया प्रशिक्षण, समय-सीमा में शिकायत निराकरण एवं अधिकारियों की जवाबदेही पर दिया जोर
बैकुण्ठपुर। जिला पंचायत कोरिया के मंथन सभाकक्ष, बैकुण्ठपुर में गुरुवार को “सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली” विषय पर एक दिवसीय जिलास्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में कोरिया जिले के जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में कलेक्टर रोक्तिमा यादव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन से आए वरिष्ठ अधिकारी अशोक चौबे तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी पूरे सत्र के दौरान उपस्थित रहे। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अशोक चौबे, पवन तिवारी एवं सूर्यनारायण यादव ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन के उपयोग एवं संचालन की विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला का उद्देश्य आमजन से प्राप्त विभागीय शिकायतों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा के भीतर निराकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को शिकायत पंजीयन प्रक्रिया, पोर्टल संचालन, शिकायतों के निराकरण की कार्यवाही, समय-सीमा प्रबंधन तथा अन्य तकनीकी बिंदुओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि आम नागरिक वेबसाइट, व्हाट्सएप अथवा सीएम हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे तथा कॉल सेंटर 24 घंटे संचालित रहेगा। शिकायतकर्ता को मोबाइल नंबर दर्ज कराना अनिवार्य होगा।
कार्यशाला में अधिकारियों को जवाबदेही एवं पारदर्शिता पर भी जोर दिया गया, लेकिन जिले में पहले से लंबित शिकायतों और उन पर कार्यवाही को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री जनदर्शन पोर्टल में ऑनलाइन शिकायतों के बाद संलग्नीकरण (अटैचमेंट) संबंधी व्यवस्था 25 जून 2025 को बंद किए जाने के निर्देश जारी हुए थे, इसके बावजूद कोरिया जिले में कई विभागों में संलग्नीकरण का मामला लगातार जारी रहने की शिकायतें सामने आती रही हैं। शिकायतों के आधार पर 07 अप्रैल 2025 को सभी संलग्न कर्मचारियों को मूल पदस्थापना स्थल पर वापस भेजने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन करीब 37-38 दिन बाद भी कई मामलों में अमल नहीं होने की बात सामने आई।
कुछ शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों में अधिकारियों से संबंधित शिकायतों पर निष्पक्ष जांच के बजाय आवेदकों से ही जानकारी मांगकर नोटिस भेजे जाते हैं, जिससे शिकायतकर्ता दबाव महसूस करते हैं। आरोप यह भी है कि कई मामलों में शिकायतों की गंभीर जांच के बजाय संबंधित अधिकारियों अथवा कर्मचारियों को संरक्षण देने का प्रयास किया जाता है। ऐसे में आम लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि यदि शिकायतों पर निष्पक्ष और समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित नहीं हुई तो नई सीएम हेल्पलाइन व्यवस्था का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचाना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।
कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी समस्या का त्वरित निराकरण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से नियमित रूप से पोर्टल का अवलोकन करने एवं शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने की अपील की। प्रशिक्षण कार्यशाला में अपर कलेक्टर डी.डी. मण्डावी, संयुक्त कलेक्टर एवं एसडीएम सोनहत अमित गुप्ता, बैकुण्ठपुर एसडीएम उमेश पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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