बैकुण्ठपुर। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले का अंतिम जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर सोमवार 08 जून को जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत तरगवां में आयोजित किया जाएगा। पूर्व में यह शिविर 09 जून को प्रस्तावित था, लेकिन कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रोक्तिमा यादव द्वारा जारी संशोधित आदेश के अनुसार इसकी तिथि बदलकर 08 जून कर दी गई है। शिविर में प्रदेश के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम, बैकुण्ठपुर विधायक भईयालाल राजवाड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति प्रस्तावित है।
जिला प्रशासन द्वारा शिविर की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं तथा सभी विभागीय अधिकारियों को शिविर स्थल पर पहुंचकर अपने-अपने विभागों के स्टॉल स्थापित करने और प्राप्त आवेदनों के निराकरण हेतु आवश्यक दस्तावेज एवं जानकारी के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस शिविर में जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर क्षेत्र की लगभग 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण शामिल होंगे। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं और शिकायतों का त्वरित निराकरण करना तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाना है। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याएं संबंधित विभागों के समक्ष रखने की अपील की गई है। हालांकि सुशासन तिहार के दौरान आयोजित कई शिविरों को लेकर ग्रामीणों के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कई स्थानों पर यह शिकायतें सुनने को मिलीं कि कुछ जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारी शिविरों में समय पर उपस्थित नहीं रहे अथवा आवेदन लेने के बाद भी मौके पर समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 01 मई से 10 जून तक चल रहे सुशासन तिहार का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का यथासंभव शिविर स्थल पर ही निराकरण करना था, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन भी रहे जिनका समाधान अब तक लंबित बताया जा रहा है। इसी बीच तरगवां शिविर की तिथि में बदलाव को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम के निर्धारित कार्यक्रम को देखते हुए शिविर को एक दिन पहले आयोजित किया जा रहा है। क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि प्रभारी मंत्री एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में लंबित मामलों पर अधिक गंभीरता से विचार होगा और कई समस्याओं का समाधान भी निकल सकेगा। अब देखना यह होगा कि जिले के अंतिम सुशासन तिहार शिविर में केवल औपचारिक निराकरण तक सीमित रहा जाता है या फिर वास्तव में ग्रामीणों की प्रमुख समस्याओं का प्रभावी समाधान सामने आता है। फिलहाल सोमवार को होने वाले इस शिविर पर पूरे जिले की निगाहें टिकी हुई हैं।

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