कोरिया। जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और आगामी वर्षा ऋतु के दौरान अस्पतालों में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसे सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला चिकित्सालय में जीवनदीप समिति की कार्यकारिणी बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने की। इस दौरान अस्पताल की आधारभूत सुविधाओं, मरीजों को मिलने वाली सेवाओं तथा मानसून पूर्व तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में जिला चिकित्सालय की वर्तमान व्यवस्थाओं का आकलन करते हुए विद्युत आपूर्ति, जल निकासी प्रणाली, मरीजों के लिए उपलब्ध बेड, अस्पताल परिसर में प्रकाश व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट तथा पार्किंग जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु के दौरान अस्पताल परिसर में जलभराव, विद्युत बाधा या अन्य किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने कहा कि जिला चिकित्सालय में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर एवं सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से कहा कि सभी विभागों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने विशेष रूप से साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था तथा आपातकालीन सेवाओं को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया। बैठक में अस्पताल में भर्ती मरीजों की देखभाल और उनके लिए उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मरीजों को पौष्टिक एवं गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा समय-समय पर इसकी निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता केवल उपचार तक सीमित नहीं होती, बल्कि मरीजों को मिलने वाली सभी सुविधाओं का स्तर भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अस्पताल परिसर की नियमित निगरानी करने और आवश्यक सुधार कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा। बैठक में मानसून के दौरान संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए भी रणनीति तैयार करने पर चर्चा हुई। इसमें जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता बनाए रखने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने जैसे विषय शामिल रहे। अधिकारियों ने विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी प्रस्तुत की और आवश्यक सुधार कार्यों के संबंध में सुझाव भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिला चिकित्सालय आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण संस्थान है, इसलिए यहां की व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने तथा समय-समय पर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह, जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. आयुष सहित जीवनदीप समिति के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में अस्पताल की सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने के लिए विभिन्न सुझावों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

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