बैकुण्ठपुर। जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत भांडी में जिला निधि से कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि निर्माण कार्य स्वीकृत प्राक्कलन (स्टीमेट) के अनुरूप नहीं किया जा रहा है तथा निर्माण सामग्री में भी गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कागजों में निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य होना चाहिए, लेकिन धरातल पर स्थिति अलग दिखाई दे रही है। आरोप है कि नाली निर्माण में प्रतिबंधित हाथी गिट्टी का उपयोग किया जा रहा है, जबकि विभागीय निर्देशों के अनुसार इसका उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा निर्माण में सरिया (छड़) की मात्रा भी निर्धारित मानक से कम लगाए जाने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में सीमेंट और सरिया जैसी आवश्यक सामग्री की मात्रा में कमी रखी जाएगी तो नाली की मजबूती और टिकाऊपन पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि इस प्रकार का निर्माण कार्य भविष्य में जल्द ही क्षतिग्रस्त हो सकता है, जिससे शासकीय राशि का दुरुपयोग होने की संभावना है। सबसे अहम बात यह है कि इस निर्माण कार्य की एजेंसी स्वयं ग्राम पंचायत है। ऐसे में गुणवत्ता की निगरानी और निर्माण कार्य को मानकों के अनुरूप कराना ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद यदि निर्माण में अनियमितताएं सामने आ रही हैं तो यह चिंता का विषय है।
इस संबंध में ग्राम पंचायत सचिव रामबिनोद सिंह ने कहा कि उन्हें नाली निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा, "मैं स्वयं मौके पर जाकर निर्माण कार्य का निरीक्षण करूंगा। यदि गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जाएगी और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।" अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और जनपद पंचायत के अधिकारी निर्माण कार्य का तकनीकी निरीक्षण कर गुणवत्ता की जांच कराते हैं या नहीं। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ-साथ निर्माण कार्य को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कराने की मांग भी तेज हो सकती है।

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