जिला स्तरीय गौधाम समिति की बैठक में कलेक्टर के निर्देश, सड़क सुरक्षा और गोवंश संरक्षण पर जोर
कोरिया। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर रोक्तिमा यादव की अध्यक्षता में जिला स्तरीय गौधाम समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर, एडीएम सुरेन्द्र वैद्य, अपर कलेक्टर डी.डी. मण्डावी, जिला गौधाम समिति के अध्यक्ष रेवा यादव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं गौधाम समितियों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जिले के गौधामों के प्रभावी संचालन, गोवंश संरक्षण, सड़क सुरक्षा तथा गौधामों को आत्मनिर्भर बनाने को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कलेक्टर ने सभी गौधामों में पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल, पशु शेड, छायादार व्यवस्था, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, साफ-सफाई, अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण और पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए घुमंतू मवेशियों को चरणबद्ध तरीके से गौधामों में स्थानांतरित किया जाएगा। पहले चरण में बैकुंठपुर, सोनहत, चेरवापारा, खोडरी, रनई (नगर पंचायत पटना) और कटगोड़ी के गौधामों में मवेशियों को रखने की व्यवस्था की जाएगी। बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान में 13 पंजीकृत गौधाम संचालित हैं, जिनमें बैकुंठपुर विकासखंड में 10 और सोनहत विकासखंड में 3 गौधाम शामिल हैं। इन गौधामों में पशु शेड, सुरक्षित बाड़ा, स्वच्छ पेयजल, विद्युत एवं चारागाह जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं खोडरी, चेरवापारा, रनई और चरचा-जूनापारा में भी आवारा मवेशियों को रखने की व्यवस्था की गई है। कलेक्टर ने चेरवापारा गौधाम में फेंसिंग, शेड और पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाएं शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही नगर पालिका, जनपद पंचायतों और ग्राम पंचायतों को मुनादी के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाकर घुमंतू पशुओं को गौधाम तक पहुंचाने के निर्देश दिए। पशुधन विकास विभाग को मवेशियों के नियमित टीकाकरण, प्राथमिक उपचार, बधियाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, टैगिंग, रेडियम बेल्ट एवं हॉर्न टेप लगाने के निर्देश दिए गए। स्थायी चरवाहों की नियुक्ति तक वैकल्पिक व्यवस्था कर मवेशियों की देखभाल और सुरक्षित गौधाम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी विभाग को सौंपी गई। बैठक के अंत में कलेक्टर रोक्तिमा यादव, पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर एवं जिला गौधाम समिति के अध्यक्ष रेवा यादव ने पशुपालकों से अपने मवेशियों को घरों में बांधकर रखने और उन्हें सड़कों पर खुला नहीं छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी तथा जन-धन और पशुधन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

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