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कटकोना से बरदिया तक एक ही सप्लायर के बिलों पर सवाल: सचिव गणेश राजवाड़े फिर विवादों में, शिकायतों को दबाने के आरोप


बैकुण्ठपुर। ग्राम पंचायत कटकोना में पदस्थ रहे सचिव गणेश रजवाड़े एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। पूर्व में शासकीय दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ के मामले में उनके विरुद्ध शिकायत हुई थी, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई के रूप में उनकी एक वेतन वृद्धि रोकने का आदेश जारी किया गया था। हालांकि शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मामले में एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई और कार्रवाई को केवल विभागीय दंड तक सीमित रखकर प्रकरण को समाप्त कर दिया गया।

अब गणेश राजवाड़े वर्तमान में ग्राम पंचायत बरदिया में सचिव के रूप में पदस्थ हैं। आरोप है कि कटकोना में पदस्थापना के दौरान जिन नीरज कुमार तिवारी, सोनपुर, पोस्ट सूरजपुर जिला कोरिया छ.ग. के नाम से बिना जीएसटी वाले बिल लगाए जाते थे, वही बिल अब बरदिया ग्राम पंचायत में भी लगाए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित बिलों में जीएसटी अंकित नहीं है, जबकि सामग्री की खरीदी पर नियमानुसार जीएसटी लागू होता है। उनका आरोप है कि इस प्रकार के बिलों के माध्यम से कर नियमों की अनदेखी की जा रही है। मामले की कई बार शिकायत संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है। विवाद का एक अन्य पहलू यह भी बताया जा रहा है कि बिल में विक्रेता का पता "सोनपुर, पोस्ट सूरजपुर, जिला कोरिया (छ.ग.)" अंकित है, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार सूरजपुर जिला, कोरिया जिले से अलग जिला है। उनका आरोप है कि बिल में जिले का उल्लेख गलत होने से इसकी प्रामाणिकता पर भी प्रश्न उठते हैं। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व में जनपद पंचायत के पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी के कार्यकाल में भी इसी प्रकार की शिकायत को पर्याप्त जांच के बिना निराकृत कर दिया गया था। इधर हाल ही में की गई शिकायत को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि जिला पंचायत के कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उसे दबाने का प्रयास किया। आरोपों के केंद्र में जिला पंचायत के उपसंचालक कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत का नाम भी लिया जा रहा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्हें सचिव शाखा का प्रभार दिया गया है तथा सचिवों से संबंधित शिकायतों का प्रारंभिक परीक्षण भी उन्हीं के माध्यम से कराया जाता है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यदि कोई कर्मचारी केवल कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है, तो उसके द्वारा शिकायतों की जांच अथवा निर्णय प्रक्रिया में भूमिका निभाना नियमों के अनुरूप नहीं है। हालांकि इस संबंध में जिला पंचायत प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। विवाद का संबंध वर्ष 2025 के सचिव स्थानांतरण आदेश से भी जोड़ा जा रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार 3 नवंबर 2025 को जारी स्थानांतरण सूची में गणेश राजवाड़े का नाम शामिल था, गणेश राजवाडे सहित कई सचिवों को कई नोटिस जारी हुए लेकिन उन नोटिस का कोई प्रभाव नहीं पड़ा उसके पीछे भी कंप्यूटर ऑपरेटर का ही साथ बताया जा रहा है। इस संबंध में भी शिकायतक ने स्थानांतरण प्रक्रिया में अनियमितता एवं प्रभाव का आरोप लगाया है। इन आरोपों के समर्थन में अभी तक किसी सक्षम प्राधिकारी की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है।

इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता ने मांग की है कि कटकोना एवं बरदिया ग्राम पंचायतों में लगाए गए सभी बिलों, जीएसटी भुगतान, खरीदी प्रक्रिया तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या कर चोरी सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

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