बैकुंठपुर। नगर पालिका बैकुंठपुर में विकास कार्यों को लेकर एक बार फिर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। एक लिखित शिकायत के माध्यम से संबंधित अधिकारियों का ध्यान वार्ड क्रमांक 02 में प्रस्तावित मुक्तिधाम निर्माण कार्य की ओर आकर्षित कराया गया है, जो लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ है। शिकायत में बताया गया है कि उक्त निर्माण कार्य के लिए ठेकेदार को वर्क ऑर्डर वर्ष 2025 में ही जारी कर दिया गया था, बावजूद इसके अब तक कार्य पूर्ण नहीं हो सका है।
आवेदन के अनुसार, निर्माण कार्य की समय-सीमा भी निर्धारित की गई थी, लेकिन तय समय गुजरने के बाद भी कार्य अधूरा पड़ा है। इससे न केवल शासन की योजनाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि आम नागरिकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा कार्य में लापरवाही बरती जा रही है और जिम्मेदार अधिकारी भी इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित ठेकेदार को बार-बार मौखिक रूप से कार्य पूर्ण करने के लिए कहा गया, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं की गई। वहीं, इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को भी पूर्व में अवगत कराया गया था, इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे प्रशासनिक उदासीनता की स्थिति स्पष्ट नजर आती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अधूरे निर्माण कार्य के कारण आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। खासकर बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे आसपास के कई गांवों के लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अधूरे पुल/सड़क के चलते लोगों को लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और नए ठेकेदार की नियुक्ति कर कार्य को शीघ्र पूर्ण कराया जाए। साथ ही, इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। अब देखना यह होगा कि नगर पालिका बैकुंठपुर और जिला प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं और लंबे समय से लंबित इस निर्माण कार्य को कब तक पूरा कराया जाता है।
कुछ अनसुलझे सवाल - (1) क्या सत्ताधारी पार्टी से संबंधित है ठेकेदार।
(2) नगर पालिका प्रशासन आखिर क्यों है मौन।
(3) क्या शिकायत के बाद हो पाएगा कार्य।

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