बैकुण्ठपुर। कोरिया जिले के राजस्व विभाग में जल्द बड़े प्रशासनिक फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार बैकुण्ठपुर, पटना और सोनहत तहसील क्षेत्रों में पदस्थ पटवारियों की स्थानांतरण सूची लगभग तैयार हो चुकी है और निकट भविष्य में इसके जारी होने की संभावना है। संभावित तबादला सूची को लेकर विभागीय कर्मचारियों के साथ-साथ आम नागरिकों में भी उत्सुकता बनी हुई है। राजस्व विभाग आम जनता से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है। भूमि संबंधी अभिलेख, नामांतरण, सीमांकन, ऋण पुस्तिका, फसल गिरदावरी और विभिन्न प्रमाण-पत्रों के लिए लोगों को पटवारियों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में स्थानांतरण सूची जारी होने से पहले यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या वर्षों से एक ही क्षेत्र में जमे हुए पटवारियों को बदला जाएगा या नहीं। सूत्रों की मानें तो इस बार तैयार की गई संभावित सूची में लंबे समय से एक ही हल्के या तहसील क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर स्थानांतरित किए जाने पर विचार किया गया है। हालांकि अंतिम निर्णय प्रशासनिक स्तर पर लिया जाएगा और आधिकारिक सूची जारी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि कुछ पटवारी अधिकारियों के अत्यंत निकट माने जाते हैं और लंबे समय से महत्वपूर्ण हल्कों में कार्यरत हैं। आम लोगों की निगाहें विशेष रूप से ऐसे कर्मचारियों पर टिकी हुई हैं, जिनके संबंध में समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन नागरिकों के बीच यह सवाल जरूर उठ रहा है कि क्या शिकायतों के दायरे में रहे कर्मचारियों को भी स्थानांतरण सूची में शामिल किया गया है। कई ग्रामीणों का कहना है कि ऋण पुस्तिका, राजस्व अभिलेखों की नकल और अन्य कार्यों के लिए उन्हें अनावश्यक रूप से चक्कर लगाने पड़ते हैं। कुछ मामलों में अवैध वसूली और आवेदकों को परेशान करने जैसे आरोप भी लगाए जाते रहे हैं। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन स्थानांतरण प्रक्रिया में जनहित और कार्यप्रणाली दोनों का ध्यान रखेगा। इसके अलावा उन पटवारियों को लेकर भी चर्चा है, जो अपने निर्धारित हल्के से अधिक समय तहसील कार्यालयों में बिताते हैं। सूत्र बताते हैं कि कुछ स्थानों पर अन्य विभागों के संलग्न कर्मचारियों से भी राजस्व संबंधी कार्य कराए जाने की शिकायतें समय-समय पर सामने आई हैं। लोगों का मानना है कि ऐसे मामलों की भी समीक्षा होनी चाहिए ताकि प्रत्येक कर्मचारी अपने मूल दायित्वों का निर्वहन क्षेत्र में रहकर कर सके। राजस्व विभाग की संभावित तबादला सूची को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चाओं का दौर जारी है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जारी होने वाली सूची में किन-किन पटवारियों के नाम शामिल होते हैं और क्या लंबे समय से उठ रहे सवालों तथा शिकायतों को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाता है। फिलहाल आधिकारिक रूप से स्थानांतरण सूची जारी नहीं हुई है, लेकिन विभागीय सूत्रों के अनुसार इसकी तैयारी अंतिम चरण में है। सूची सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि प्रशासन ने किन मानकों को प्राथमिकता दी है और राजस्व व्यवस्था में कितना बदलाव देखने को मिलेगा।

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