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सुशासन तिहार शिविर में विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति पर उठे सवाल, प्रशासनिक दावों की खुली पोल


बैकुंठपुर। राज्य सरकार द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण और प्रशासन को लोगों के करीब लाने के उद्देश्य से संचालित किए जा रहे सुशासन तिहार के तहत बैकुंठपुर स्थित मानस भवन में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में अपनी विभिन्न समस्याओं, शिकायतों और मांगों को लेकर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी पहुंचे थे। लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याओं का समाधान कराने का अवसर मिलेगा, लेकिन शिविर के दौरान जो स्थिति सामने आई उसने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए। प्रत्यक्षदर्शियों और शिविर में पहुंचे लोगों के अनुसार, कार्यक्रम की शुरुआत में विभिन्न विभागों के लिए स्टॉल लगाए गए थे और कुछ अधिकारी-कर्मचारी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के साथ मौजूद भी थे। 


हालांकि कुछ ही समय बाद अधिकांश विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अपने स्थानों से नदारद दिखाई दिए। इससे अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे नागरिकों को काफी निराशा का सामना करना पड़ा। शिविर में मौजूद लोगों का कहना था कि प्रशासन द्वारा लगातार यह दावा किया जाता है कि सुशासन तिहार के दौरान सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहते हैं और आम जनता की शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया जाता है। लेकिन मानस भवन में आयोजित शिविर में वास्तविकता कुछ और ही दिखाई दी। कई विभागों के स्टॉल खाली नजर आए और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद नहीं थे। इस दौरान केवल नगर पालिका विभाग के कर्मचारी अपने स्टॉल पर सक्रिय दिखाई दिए और लोगों की समस्याएं सुनते नजर आए। अन्य विभागों की अनुपस्थिति को लेकर नागरिकों में नाराजगी भी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि यदि विभागीय अधिकारी ही शिविर में उपस्थित नहीं रहेंगे तो ऐसे आयोजनों का उद्देश्य कैसे पूरा होगा। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराए और यह स्पष्ट करे कि शिविर के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी क्यों अनुपस्थित रहे। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक निर्देश भी जारी किए जाएं। अब देखने वाली बात यह होगी कि सुशासन तिहार के तहत आयोजित इस शिविर में सामने आई अव्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई की जाती है। फिलहाल मानस भवन में आयोजित शिविर ने प्रशासन के उन दावों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है, जिनमें सभी विभागों की सक्रिय उपस्थिति और त्वरित समस्या समाधान की बात कही जाती रही है।

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