बैकुण्ठपुर। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में संचालित 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान लगातार प्रभावी परिणाम दे रहा है। कलेक्टर रोक्तिमा यादव के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के उच्च जोखिम वाले गांवों में व्यापक स्तर पर जांच, उपचार और जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान के 77 दिवस पूर्ण होने तक जिले ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, जिसकी स्वास्थ्य विभाग एवं आमजन द्वारा सराहना की जा रही है। 24 मार्च 2026 को जिला पंचायत ऑडिटोरियम में विधायक भैयालाल राजवाड़े की मुख्य अतिथि उपस्थिति में अभियान का शुभारंभ किया गया था। इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव-गांव पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग, जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध करा रही है। अभियान के तहत आयोजित आयुष्मान आरोग्य निःशुल्क शिविरों में आधुनिक हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से टीबी की पहचान को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह के निर्देशन में जिले के 34 उच्च जोखिम वाले गांवों में विशेष फोकस के साथ कार्य किया गया। अब तक 82 आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें हजारों लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला है। 11 जून 2026 तक जिले में 27,574 लोगों का पंजीयन किया गया है, जबकि 12,581 व्यक्तियों की एक्स-रे जांच की जा चुकी है। यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अभियान के दौरान टीबी के 33 नए मरीजों की पहचान की गई है, जिनका उपचार तत्काल प्रारंभ कर दिया गया है। वहीं वर्तमान में जिले में 115 टीबी मरीज उपचाररत हैं। मरीजों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के लिए 53 निक्षय मित्रों को जोड़ा गया है, जिनके माध्यम से मरीजों को नियमित रूप से फूड बॉक्स एवं पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा केवल उपचार पर ही नहीं, बल्कि टीबी की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मरीजों के परिजनों एवं संपर्क में आने वाले लोगों को टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी के माध्यम से बचाव संबंधी उपचार दिया जा रहा है, जिससे संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डॉ. प्रशांत सिंह के नेतृत्व में जिले में टीबी उन्मूलन को जन आंदोलन का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। जागरूकता कार्यक्रमों, शिविरों एवं सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से लोगों को टीबी के लक्षण, जांच एवं उपचार के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप लोग अब खुलकर जांच कराने और उपचार लेने के लिए आगे आ रहे हैं। कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे टीबी मुक्त कोरिया के लक्ष्य को सफल बनाने में सहयोग करें तथा निक्षय मित्र बनकर मरीजों की सहायता करें। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जनसहभागिता और स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत से कोरिया जिला जल्द ही टीबी मुक्त जिला बनने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर सकता है।


0 टिप्पणियाँ