जिला अस्पताल अधीक्षक की सतत मॉनिटरिंग और सीएमएचओ डॉ. प्रशांत सिंह की देखरेख में मरीजों को मिल रही अत्याधुनिक जांच सुविधा
बैकुण्ठपुर। कोरिया जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाली संभाग की पहली अटल आरोग्य लैब आज हजारों मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। जिला अस्पताल परिसर में स्थापित इस अत्याधुनिक लैब ने न केवल मरीजों को महंगी निजी जांचों से राहत दिलाई है, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा 30 मई 2026 को शुभारंभ की गई यह लैब स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। आधुनिक मशीनों और उन्नत तकनीक से सुसज्जित इस लैब में मरीजों को लगभग 134 प्रकार की जांचें पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसी जांचें, जिनके लिए पहले मरीजों को निजी पैथोलॉजी लैबों का सहारा लेना पड़ता था और हजारों रुपये खर्च करने पड़ते थे, अब जिला अस्पताल में ही आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को विशेष लाभ मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अटल आरोग्य लैब के शुभारंभ के बाद से अब तक 4,930 मरीजों की विभिन्न प्रकार की जांचें की जा चुकी हैं। प्रतिदिन औसतन 120 से 140 मरीजों के रक्त नमूनों की जांच की जा रही है। अत्याधुनिक मशीनों की सहायता से कम समय में सटीक रिपोर्ट उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे डॉक्टरों को भी मरीजों के उपचार में बेहतर सहायता मिल रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं के इस विस्तार के पीछे जिला अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जिला अस्पताल अधीक्षक द्वारा लगातार मॉनिटरिंग और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है, वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह के मार्गदर्शन और देखरेख में इस परियोजना को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि बेहतर प्रबंधन और नियमित निगरानी के कारण ही अटल आरोग्य लैब अल्प समय में जिले के लोगों का विश्वास जीतने में सफल रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों का कहना है कि पहले कई जांचों के लिए उन्हें निजी लैबों में जाना पड़ता था, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता था और रिपोर्ट मिलने में भी समय लगता था। अब जिला अस्पताल में ही अधिकांश आवश्यक जांचें उपलब्ध होने से समय और धन दोनों की बचत हो रही है। विशेष रूप से आदिवासी और दूरस्थ अंचलों के मरीजों को इसका बड़ा लाभ मिल रहा है। अटल आरोग्य लैब की सफलता यह भी दर्शाती है कि यदि स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक, संसाधन और प्रभावी प्रबंधन का समन्वय किया जाए तो सरकारी अस्पताल भी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर सकते हैं। यही कारण है कि जिले में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह द्वारा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। टीबी मुक्त भारत अभियान, आयुष्मान आरोग्य शिविरों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों तथा अन्य जनस्वास्थ्य योजनाओं के साथ-साथ आधुनिक जांच सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं जिला अस्पताल अधीक्षक द्वारा अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित कर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि आने वाले समय में अटल आरोग्य लैब के माध्यम से और अधिक लोगों को लाभ मिलेगा तथा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और बेहतर होगी। जिला अस्पताल में उपलब्ध यह सुविधा न केवल मरीजों को राहत प्रदान कर रही है, बल्कि कोरिया जिले को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान भी दिला रही है। संभाग की पहली अटल आरोग्य लैब आज इस बात का उदाहरण बन चुकी है कि समर्पित प्रशासनिक प्रयास, बेहतर निगरानी और आधुनिक तकनीक के समन्वय से आम लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकती हैं। जिला अस्पताल अधीक्षक एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह के प्रयासों की आमजन और मरीजों द्वारा सराहना की जा रही है।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में जिला अस्पताल बैकुण्ठपुर में संभाग की पहली अटल आरोग्य लैब की स्थापना संभव हो सकी है। स्वास्थ्य मंत्री की पहल, जिला अस्पताल अधीक्षक की सतत मॉनिटरिंग एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह की सक्रिय देखरेख के कारण आज जिले के हजारों मरीजों को अत्याधुनिक जांच सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध हो रही हैं। आमजन का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री के प्रयासों से कोरिया जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई पहचान मिली है और ग्रामीण तथा आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।

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