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जिला अस्पताल बैकुण्ठपुर में डॉक्टरों की तत्परता से 2 वर्षीय बच्ची की जान बची


बैकुण्ठपुर। जिला अस्पताल बैकुण्ठपुर में एक सराहनीय चिकित्सकीय कार्य सामने आया है, जहां डॉक्टरों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से 2 वर्षीय मासूम बच्ची की जान बचाई गई। नागपुर निवासी 2 साल की बच्ची आनवी के गले में गलती से सिक्का फंस गया था, जिससे उसकी सांस लेने में परेशानी होने लगी और परिजन घबराकर उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। मामले की गंभीरता को समझते हुए अस्पताल के नाक, कान, गला (ईएनटी) रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेन्द्र चौहान ने तुरंत बच्ची की जांच की। जांच में पुष्टि हुई कि सिक्का गले में फंसा हुआ है, जो किसी भी समय गंभीर स्थिति पैदा कर सकता था। बिना समय गंवाए डॉ. चौहान और उनकी टीम ने आवश्यक उपकरणों की मदद से सावधानीपूर्वक प्रक्रिया शुरू की।


चिकित्सकीय कौशल और अनुभव का परिचय देते हुए डॉक्टर ने सफलतापूर्वक बच्ची के गले से सिक्का बाहर निकाल लिया। पूरी प्रक्रिया के दौरान बच्ची की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई और उसे सुरक्षित रखा गया। उपचार के बाद बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और उसे निगरानी में रखा गया। इस घटना के बाद परिजनों ने जिला अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि समय पर सही इलाज नहीं मिलता, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। अस्पताल के स्टाफ ने भी पूरी जिम्मेदारी के साथ सहयोग किया, जिससे उपचार सफल रहा। जिला अस्पताल बैकुण्ठपुर में इस तरह की त्वरित और सफल चिकित्सा सेवा से आम जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है। यह घटना दर्शाती है कि जिला अस्पताल में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और तत्परता से गंभीर मामलों का प्रभावी इलाज संभव है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी इस सफल उपचार की सराहना करते हुए कहा कि अस्पताल में लगातार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि हर मरीज को समय पर उचित इलाज मिल सके।

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