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राजवाड़े नर्सिंग संस्थान में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित, छात्रों को कानून की दी गई महत्वपूर्ण जानकारी


बैकुंठपुर। जिला कोरिया (छत्तीसगढ़) के राजवाड़े इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को कानून से जुड़ी आवश्यक जानकारी प्रदान करना तथा उन्हें उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाना रहा। यह पहल समाज में विधिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी बैकुंठपुर ओम चौहान एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय श्रेणी देवाशीष तिग्गा उपस्थित रहे। साथ ही अधिकार मित्र दुलेश्वर कुमार राजवाड़े, संस्थान की प्राचार्या मोनिका टोप्पो, अध्यापिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। मुख्य अतिथि ओम चौहान ने विधिक साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में नागरिकों का कानून की बुनियादी जानकारी रखना अत्यंत आवश्यक है। इससे वे अपने अधिकारों की रक्षा करने के साथ-साथ समाज में न्याय और समानता स्थापित करने में भी योगदान दे सकते हैं। शिविर के दौरान अस्पताल में मरीजों के समान अधिकार, महिला अधिकार, उपभोक्ता अधिकार, साइबर अपराध, घरेलू हिंसा अधिनियम तथा निःशुल्क विधिक सहायता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने सरल भाषा में कानूनों की व्याख्या कर छात्रों को दैनिक जीवन में उनके उपयोग के बारे में समझाया। 


साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए छात्रों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बचाव के उपाय भी बताए गए। साथ ही शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और संबंधित संस्थाओं की जानकारी दी गई। निःशुल्क विधिक सहायता के विषय में बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग बिना किसी शुल्क के न्याय प्राप्त कर सकते हैं, जो ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने अपने सवाल रखे और विशेषज्ञों ने उनके समाधान दिए। इस सत्र ने प्रतिभागियों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उनके ज्ञान में भी वृद्धि की। संस्थान प्रबंधन एवं शिक्षकों ने आयोजन के लिए आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही। यह विधिक साक्षरता शिविर समाज में जागरूकता फैलाने और नागरिकों को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ।

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