बैकुण्ठपुर। प्रदेश में चल रहे सुशासन तिहार 2026 के तहत प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के किसी भी जिले में अचानक पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन साफ-सफाई, मूलभूत सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा हुआ है। इसी क्रम में बैकुण्ठपुर नगर पालिका परिषद द्वारा शहर से लगे ग्राम पंचायत क्षेत्रों में भी विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। शहर से सटे ग्राम पंचायत तलवापारा में इन दिनों नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा मुख्य सड़क किनारे व्यापक सफाई कार्य किया जा रहा है। यह मार्ग शहर से कलेक्टर कार्यालय तक जाने वाला प्रमुख मार्ग माना जाता है। वहीं 25 मई को मानस भवन में आयोजित होने वाले सुशासन तिहार कार्यक्रम को लेकर भी प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय यह है कि ग्राम पंचायत तलवापारा में कुछ समय पूर्व पंचायत द्वारा जेसीबी मशीन लगाकर सफाई कार्य कराए जाने की जानकारी दी गई थी, जिस पर लगभग 40 हजार रुपये से अधिक खर्च होने की बात कही गई थी। अब उसी क्षेत्र में नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा दोबारा बड़े स्तर पर सफाई कार्य किए जाने से पंचायत स्तर पर हुए पूर्व सफाई कार्यों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले ही पर्याप्त सफाई कार्य कराया गया था तो पुनः बड़े पैमाने पर सफाई की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। सफाई अभियान के दौरान नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा ग्राम पंचायत के जिम्मेदार प्रतिनिधियों को भी सूचना दिए जाने की बात सामने आई है। कर्मचारियों के अनुसार ग्राम पंचायत सचिव को फोन के माध्यम से जानकारी दी गई थी, लेकिन वे मौके पर नहीं पहुंचे। बताया जाता है कि सचिव ने सरपंच को भेजने की बात कही थी, हालांकि सफाई कार्य कई घंटों तक चलता रहा और पंचायत के प्रमुख जिम्मेदार प्रतिनिधि स्थल पर उपस्थित नहीं हुए। इसको लेकर भी ग्रामीणों में चर्चा बनी रही।
वहीं पंचायत के अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रियता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की बैठकों और विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों की नियमित भागीदारी अपेक्षित स्तर पर दिखाई नहीं देती, जिससे स्थानीय समस्याओं के समाधान में बाधा आती है। फिलहाल सुशासन तिहार को लेकर जिला प्रशासन पूरी तैयारियों में जुटा हुआ है। साफ-सफाई, यातायात, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं। प्रशासन की प्राथमिकता यह है कि जिले में आने वाले नागरिकों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध हों। वहीं ग्रामीणों को उम्मीद है कि सफाई कार्यों और पंचायत स्तर पर हुए खर्चों की भी समय-समय पर समीक्षा की जाएगी ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे।

0 टिप्पणियाँ