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गेज नदी में गंदगी का अंबार, शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं—जनता के स्वास्थ्य पर खतरा


कोरिया। बैकुण्ठपुर नगर पालिका क्षेत्र की जीवनदायिनी गेज नदी आज गंभीर उपेक्षा का शिकार बनी हुई है। नगरवासियों द्वारा लगातार शिकायतें करने और टीएल मीटिंग में अलग-अलग दो सप्ताह के अंतराल में आवेदन प्रस्तुत करने के बावजूद अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है।


यह वही नदी है, जिसके पानी का उपयोग नगर पालिका क्षेत्र के लोग पीने और दैनिक जरूरतों के लिए करते हैं। इसके बावजूद नदी में भारी मात्रा में कचरा, गंदगी और जंगली घास जमा है, जो सीधे तौर पर आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि नगर पालिका द्वारा ही शहर का कचरा नदी किनारे और नदी में डाला जा रहा है, जिससे जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर वार्ड क्रमांक 2 के पार्षद सुनील गुप्ता ने भी जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन उन्हें भी अब तक समाधान नहीं मिल पाया है। इससे पहले 15 जुलाई 2025 को कलेक्टर द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि गेज नदी में कचरा फेंकने की व्यवस्था तत्काल रोकी जाए और वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए। इसके बावजूद आज तक कचरा वाहन नदी में कचरा फेंकते नजर आ रहे हैं। तलवापारा क्षेत्र में भी नदी किनारे कचरा डंपिंग जारी है, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सफाई और कचरा प्रबंधन की ठोस व्यवस्था नहीं की गई, तो यह समस्या विकराल रूप ले सकती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब तक ठोस कदम उठाता है, या फिर यह मामला सिर्फ आश्वासनों तक ही सीमित रह जाएगा।

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