बैकुण्ठपुर। ग्राम पंचायत बुडार के ढोडहापारा स्थित तालाब निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जिस तालाब का निर्माण अब तक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत मजदूरों से कराया जा रहा था, वहां शनिवार को जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासकीय अवकाश होने का लाभ उठाकर मशीनों के माध्यम से कार्य कराया जा रहा है, जिससे मनरेगा के मूल उद्देश्य पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार तालाब निर्माण कार्य में पिछले कई दिनों से स्थानीय मजदूर कार्यरत थे और उन्हें मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा था। लेकिन शनिवार को कार्यस्थल पर जेसीबी मशीन देखी गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि मनरेगा योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना है, जबकि मशीनों के उपयोग से मजदूरों के रोजगार पर सीधा असर पड़ता है।
मामले की जानकारी लेने जब ग्राम पंचायत सचिव से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। सचिव ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि कार्य किसके निर्देश पर हो रहा है और मौके पर जेसीबी मशीन का उपयोग किया जा रहा है या नहीं। सचिव की इस अनभिज्ञता ने मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी शासकीय निर्माण कार्य की जानकारी संबंधित ग्राम पंचायत सचिव को ही नहीं है, तो यह प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला है। लोगों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर कार्यों की निगरानी और रिकॉर्ड संधारण की जिम्मेदारी सचिव की होती है। ऐसे में उनके द्वारा जानकारी नहीं होना कई सवालों को जन्म देता है। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि मनरेगा कार्य में नियमों का उल्लंघन कर मशीनों का उपयोग किया गया है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही यह भी जांच होनी चाहिए कि अवकाश के दिन कार्य किसकी अनुमति से कराया गया और मशीन का उपयोग किन परिस्थितियों में किया गया। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों की मांग है कि जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच करें तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि शासकीय योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।


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