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तलवापारा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों पर सवाल, पंचायत भवन मरम्मत से लेकर सफाई व्यवस्था तक अनियमितताओं के आरोप


बैकुण्ठपुर। ग्राम पंचायत तलवापारा इन दिनों विकास कार्यों, वित्तीय प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा पंचायत में संचालित विभिन्न कार्यों में अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं। पंचायत भवन मरम्मत, सोखता गड्ढा निर्माण, सफाई कार्य एवं अन्य विकास योजनाओं में पारदर्शिता की कमी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है।


ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन के मरम्मत कार्य पर लगभग 2 लाख 30 हजार रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि इस कार्य की जानकारी स्थानीय पंचों तक को नहीं दी गई। बताया जा रहा है कि पंचायत की बैठक में इस कार्य पर विधिवत चर्चा नहीं हुई और कार्ययोजना में शामिल किए बिना केवल स्टीमेट के आधार पर काम शुरू कर दिया गया। ग्रामीण यह भी सवाल उठा रहे हैं कि जिस पंचायत भवन में पिछले लगभग छह वर्षों के दौरान नियमित रूप से पंचायत संचालन नहीं हुआ, उसके मरम्मत कार्य पर इतनी बड़ी राशि खर्च करने की आवश्यकता क्या है।
पंचायत क्षेत्र में बनाए गए सोखता गड्ढों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किसानों के खेतों में श्रम आधारित कार्य के बजाय जेसीबी मशीन से खुदाई कराई गई और इसके लिए लगभग 22 हजार 500 रुपये की राशि का आहरण किया गया। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह पंचायत एवं रोजगार संबंधी नियमों के विपरीत माना जा सकता है।
सफाई व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। आरोप है कि पंचायत द्वारा सफाई कार्य के नाम पर राशि आहरित की गई, जबकि वास्तविक सफाई कार्य सीमित स्तर पर ही किया गया। गांव की नालियों की सफाई नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा कराई गई, लेकिन निकाले गए मलबे को नाली के किनारे ही छोड़ दिया गया। परिणामस्वरूप बारिश के दौरान दुर्गंध फैल रही है और गंदगी पुनः नालियों में जाने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि कलेक्टर कोरिया के निर्देश पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छता को लेकर ग्राम सभा का आयोजन कराया गया था, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उसके निर्णयों का धरातल पर प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। गांव में कई स्थानों पर गंदगी और जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार बारिश के मौसम में स्वच्छता बनाए रखने और संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। बावजूद इसके ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर सफाई व्यवस्था को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। लोगों का कहना है कि गंदगी और दुर्गंध के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है तथा बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि एक निजी घर के लिए बोर खनन कार्य कराया गया और उसका भुगतान भी कर दिया गया। पंचायत के विभिन्न कार्यों में हुई स्वीकृतियों, भुगतान और व्यय संबंधी अभिलेखों की जांच की मांग उठ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को गांव की मूलभूत समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए। फिलहाल पंचायत में लगाए जा रहे इन आरोपों ने प्रशासनिक पारदर्शिता और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराए जाने की मांग की है ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

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