Ticker

6/recent/ticker-posts

हसदेव उद्गम स्थल का होगा कायाकल्प, कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने ग्रामीणों से लिया सुझाव; नदी संरक्षण की दिलाई शपथ


बैकुण्ठपुर। जिले की जीवनदायिनी हसदेव नदी के उद्गम स्थल के संरक्षण, संवर्धन एवं पर्यटन विकास को लेकर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने शुक्रवार को हसदेव नदी के उद्गम स्थल का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर नदी संरक्षण एवं विकास से संबंधित सुझाव प्राप्त किए तथा सभी को हसदेव नदी के संरक्षण की शपथ भी दिलाई। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप नदियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रशासन और आमजन के संयुक्त प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि हसदेव नदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि जिले की सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक जीवनरेखा है। इसके उद्गम स्थल का संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे उद्गम स्थल के सौंदर्यीकरण, स्वच्छता, वृक्षारोपण और पर्यटन सुविधाओं के विकास के संबंध में अपने सुझाव दें तथा इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

कलेक्टर ने यह भी कहा कि हसदेव उद्गम स्थल को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में योजनाबद्ध कार्य किए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी प्राप्त हो सकें। उन्होंने क्षेत्र के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए विकास कार्य किए जाने पर बल दिया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि हसदेव नदी की पहचान केवल कोरिया जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देशभर में है। यह नदी लाखों लोगों के जीवन और आजीविका से जुड़ी हुई है। ऐसे में इसके उद्गम स्थल को एक आकर्षक पर्यटन एवं आस्था केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों से नदी और पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया। ग्रामीणों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए उद्गम स्थल के विकास, स्वच्छता व्यवस्था, वृक्षारोपण, पहुंच मार्गों के सुधार और पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने संबंधी सुझाव दिए। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने नदी को प्रदूषणमुक्त रखने और जल स्रोतों की रक्षा करने का संकल्प लिया।

कलेक्टर रोक्तिमा यादव एवं जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी द्वारा जल संरक्षण और नदी संवर्धन के लिए चलाए जा रहे प्रयासों की क्षेत्र में सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि जिस प्रकार हसदेव नदी के संरक्षण और उद्गम स्थल के विकास के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, उसी प्रकार गेज नदी के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी ठोस पहल की जानी चाहिए। गेज नदी का जल बैकुण्ठपुर शहर सहित आसपास के अनेक गांवों के लोगों द्वारा उपयोग किया जाता है और यह क्षेत्र के लिए किसी जीवनदायिनी नदी से कम नहीं है। यदि इसके जल स्रोतों की सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और संरक्षण के लिए भी विशेष योजना बनाई जाए तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित जल उपलब्ध कराया जा सकेगा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हसदेव और गेज जैसी नदियों का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि क्षेत्र के भविष्य और जल सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। प्रशासन की वर्तमान पहल इस दिशा में एक सकारात्मक और दूरगामी कदम मानी जा रही है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ