Ticker

6/recent/ticker-posts

राजस्व निरीक्षक का विशेष तबादला: बैकुण्ठपुर में अटकलों का बाजार गर्म, अगला आरआई कौन?



बैकुण्ठपुर। कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर में पदस्थ राजस्व निरीक्षक जनार्दन कुमार सिन्हा को राज्य शासन द्वारा विशेष आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर अटल नगर में आगामी आदेश तक कार्य करने के लिए अटैच किए जाने के बाद राजस्व महकमे में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। 23 जून 2026 को जारी आदेश के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बैकुण्ठपुर मुख्यालय की जिम्मेदारी किस राजस्व निरीक्षक को सौंपी जाएगी। सूत्रों के अनुसार मुख्यालय की जिम्मेदारी भू-अभिलेख शाखा में कार्यरत किसी अनुभवी राजस्व निरीक्षक को दी जा सकती है। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन राजस्व विभाग के गलियारों में संभावित नामों को लेकर चर्चाएं लगातार चल रही हैं। इधर इस तबादले को लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की राजनीतिक और प्रशासनिक अटकलें भी लगाई जा रही हैं। पिछले कुछ समय से बैकुण्ठपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग, शासकीय भूमि पर कब्जे और भू-व्यवस्थापन से जुड़े मामलों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। कई शिकायतें कलेक्टर जनदर्शन तक पहुंचीं, लेकिन शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अनेक मामलों में जांच मूल शिकायत के बिंदुओं पर केंद्रित नहीं रही और अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी। विशेष रूप से अवैध प्लॉटिंग को लेकर दर्ज शिकायतों में जांच रिपोर्ट को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जांच के दौरान शिकायत के मूल तथ्यों की बजाय तकनीकी पहलुओं पर अधिक जोर दिया गया, जिससे वास्तविक मुद्दे पीछे छूट गए। ऐसे में राजस्व निरीक्षक के स्थानांतरण के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि क्या अब भू-माफियाओं की गतिविधियों पर अंकुश लगेगा या फिर उन्हें और अधिक अवसर मिलेंगे। क्षेत्र में लंबे समय से पदस्थ कुछ पटवारियों को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई पटवारी वर्षों से एक ही क्षेत्र में जमे हुए हैं। प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि राजस्व विभाग में व्यापक फेरबदल की एक सूची तैयार की जा चुकी है और आने वाले दिनों में कुछ पटवारियों एवं अन्य कर्मचारियों के स्थानांतरण के आदेश जारी हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में भी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जनता के बीच यह उम्मीद भी दिखाई दे रही है कि नए प्रभारी राजस्व निरीक्षक के आने के बाद लंबित शिकायतों की निष्पक्ष समीक्षा होगी और अवैध प्लॉटिंग तथा भूमि संबंधी विवादों पर प्रभावी कार्रवाई देखने को मिलेगी। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का मानना है कि यदि प्रशासनिक निगरानी मजबूत नहीं हुई तो केवल अधिकारियों के बदलने से जमीनी स्थिति में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं आएगा। फिलहाल बैकुण्ठपुर में सबसे अधिक चर्चा इसी बात की है कि मुख्यालय की कमान किसे मिलेगी और नए प्रशासनिक समीकरणों का असर भू-माफियाओं, अवैध प्लॉटिंग तथा लंबित राजस्व मामलों पर किस रूप में दिखाई देगा। आने वाले दिनों में जारी होने वाले आदेश इन सवालों का जवाब तय करेंगे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ